शराब तस्करी में लग्जरी गाड़ियों का भी होता था प्रयोग

The Nation Talk | Ravinder singh

Thursday December 5, 2019

शराब तस्करी में लग्जरी गाड़ियों का भी होता था प्रयोग
हरियाणा से बिहार तक फैला है शराब तस्करों का नेटवर्क, पुलिस की सुस्त कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल
ठीक से जांच हो तक स्थानीय चेहरे होंगे बेनकाब

संतकबीरनगर। शराब तस्कर गिरोह का नेटवर्क बिहार से हरियाणा तक फैला हुआ है। पिछले करीब तीन माह से गैंग का सरगना मीरका थाना व जनपद हिसार (हरियाणा) का रहने वाला सुरेश सोनी खलीलाबाद को शराब तस्करी का हब बनाने में जुटा था लेकिन रविवार का पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया।
खलीलाबाद औद्योगिक क्षेत्र से 51 लाख की शराब बरामद कर ली गई और कंटेनर,टैंकर और बाइक समेत देवेंद्र पुत्र कुंवर पाल सिंह निवासी टेढ़ी बगिया थाना ऐतमाददौला, जिला-आगरा, नागेंद्र यादव पुत्र हरि प्रसाद यादव निवासी मुंडेरा पांडेयपुर थाना बघौचघाट, जिला-देवरिया, लाल बाबू पुत्र राम विलास पासवान और मिथुन पुत्र महंथ निवासीगण पकड़ी मिश्रायन थाना कटया, जिला-गोपालगंज (बिहार), विनोद पुत्र रणजीत सिंह निवासी मीरका थाना व जनपद हिसार (हरियाणा), जुबेर अहमद पुत्र हारून निवासी छारोणा, थाना-ताउडू जिला-नहू (हरियाणा) को पकड़ लिया गया।
इन लोगों ने बताया कि हरियाणा निर्मित शराब को उनका गैंग बिहार ले जाता है।
पिछले चार दिनों से पुलिस की सीडीआर के सहारे बेहद धीमी गति से जांच कर रही है। सरगना सुरेश सोनी और उसका सहयोगी पिंटू पुलिस की पकड़ से अभी भी दूर है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गैंग का सरगना तीन महीने से खलीलाबाद में अवैध शराब का हब बनाने में जुटा था। ट्रकों के अलावा पिकअप से भी छोटी- छोटी गाड़ियों में शराब की खेप को बिहार भेजी जाती थी। लग्जरी गाड़ियों का भी इस्तेमाल होता था। बिहार बार्डर को पार करने से पहले गोरखपुर और कुशीनगर क्षेत्र में पड़ने वाले थाने और चौकियों से चौकन्ना रहने के लिए रेकी की जाती थी। शराब पकड़ी न जाए, इसके लिए दोनों मंडलों में तैनात कुछ खास पुलिस कर्मियों से सरगना का जुड़ाव भी था। गैंग के सरगना के पकड़े जाने पर गैंग से जुडे़ स्थानीय स्तर के सदस्यों का भी पर्दाफाश हो सकता है।

आईडी बदल कर शहर के दो होटलों में रहता था
गैंग का सरगना आईडी बदल कर शहर के दो होटलों में बदल-बदल कर रहता था। इतना ही नहीं एक सिमकार्ड को पांच दिन से अधिक प्रयोग नहीं करता है। उसके संबंध में किन-किन लोगों से है। खलीलाबाद से उसके धंधे को पकडा गया आरोपी विनोद संभालता था। यह जांच यदि ठीक से पुलिस करें तो सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।
गैंग का सरगना सुरेश सोनी और उसका सहयोगी पिंटू अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। जेल भेजने से पूर्व पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को मिली हैं। स्थानीय स्तर पर तस्करों के गैंग से जुड़े लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। हर पहलू पर पुलिस नजर रख रही है। प्रकरण गंभीर है। जांच में देरी और तथ्य जुटाने में वक्त भले ही लग रहा है, लेकिन इसमें जो भी लोग शामिल होंगे, वह कार्रवाई की जद में आने से बच नहीं पाएंगे।

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